HomeHindi poetryपुलवामा अटैक ब्लैक डे पर शानदार कविता : 14th Feb Pulwama Attack

पुलवामा अटैक ब्लैक डे पर शानदार कविता : 14th Feb Pulwama Attack

नमस्कार मैं KKSB स्वागत करता हूं आपका मेरी इस नई कविता में हम सभी जानते हैं 2025 कोई सिर्फ वैलेंटाइन डे ही नहीं मनाया जाता इस दिन भारत इतिहास का एक काला दिवस के रूप में भी बनाया जाता है वह दिन दोस्तों कभी नहीं भुलाया जा सकता 14 फरवरी 2019 को Pulwama Black Day देखने को हमें मिला था जिसमें सीआरपीएफ की 40 से अधिक जवान आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे Pulwama Terror Ataack सिर्फ एक घटना नहीं थी बल्कि पूरे देश को इससे गहरा सदमा लग गया था Pulwama Attack Black Day Poetry पुलवामा अटैक ब्लैक डे पर मेरी यह कविता उन्हीं जवानों को समर्पित है जिन्होंने भारत माता के लिए अपने प्राणों का निछावर कर दिया
इस Pulwama Attack Poetry में उन परिवारों का दर्द भी व्यक्त किया गया है, जिनके बेटे, भाई और पति इस हमले में शहीद हो गए। जब घरों के आंगन सूने हो गए, जब दीपक बुझ गए, तब देश की आंखों में आंसू छलक पड़े। यह 14th Feb Pulwama Attack Kavita हमें याद दिलाती है कि देश की रक्षा के लिए जो जवान शहीद होते हैं, उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।
यह Best Poem on Pulwama Attack in Hindi आप शाहिद के परिवार जनों में अपने फौजी भाइयों को भेज सकते हैं Shaheed Diwas Par Poetry जिससे उनका हौसला बढ़ेगा और उन तमाम दोस्तों को भी भेज सकते हो जो की ब्लैक डे के बारे में नहीं जानते आप उन्हें भी Valentine’s Day & Black Day Of india History वैलेंटाइन डे पर यह कविता भेज सकते हैं मैं आए दिन कुछ ना कुछ कविताएं शायरियां कोट लिखता रहता हूं उन्हें मेरी वेबसाइट http://wordsbykksb.com पर पढ़ सकते हो।

पुलवामा अटैक ब्लैक डे पर शानदार कविता

पुलवामा में हुए शहीद उन वीरों को ना भूलना तुम,

झुक जाना ज़रा, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वह दिन काला, काला दिवस के,
फूट-फूट कर रोई मां भारती थी।
हुआ जब गमन वीरों का,
हुई स्वर्ग लोक में आरती थी।

करना अभिमान तिरंगे पर,
फिर जाकर महबूब मनाना तुम।
झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वह परिवार सारे तुम याद करना,
कांप उठी रूह जिनकी थी।
वह मां, बहनें, वह पत्नी जिनकी,
उजड़ चुकी जिनकी ज़िंदगी थी।
आंसू छलके थे आंखों से जिसकी,
उस पिता का नाम न भूल जाना तुम।

झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वीरान जब हुए आंगन थे,
सूने मन के आंचल थे।
बुझ गए दीप उन घरों के,
जो वीरों के नाम रोशन थे।

मोहब्बत के लिए खरीदना गुलदस्ते,
पर शहीदों के नाम दिया जलाना तुम।
झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वीर भूमि को करना नमन,
मां भारती के छूना चरण।
दो मिनट ही हो सके तो मौन रखना,
अपना मन खुद कर लेना।
जो कह रहा हूं,
चाहे बातें मेरी ना फैलाना तुम।

झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।
झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

पुलवामा में हुए शहीद उन वीरों को ना भूलना तुम,
झुक जाना ज़रा, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वह दिन काला, काला दिवस के,
फूट-फूट कर रोई मां भारती थी।
हुआ जब गमन वीरों का,
हुई स्वर्ग लोक में आरती थी।

करना अभिमान तिरंगे पर,
फिर जाकर महबूब मनाना तुम।
झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वह परिवार सारे तुम याद करना,
कांप उठी रूह जिनकी थी।
वह मां, बहनें, वह पत्नी जिनकी,
उजड़ चुकी जिनकी ज़िंदगी थी।
आंसू छलके थे आंखों से जिसकी,
उस पिता का नाम न भूल जाना तुम।

झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वीरान जब हुए आंगन थे,
सूने मन के आंचल थे।
बुझ गए दीप उन घरों के,
जो वीरों के नाम रोशन थे।

मोहब्बत के लिए खरीदना गुलदस्ते,
पर शहीदों के नाम दिया जलाना तुम।
झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

वीर भूमि को करना नमन,
मां भारती के छूना चरण।
दो मिनट ही हो सके तो मौन रखना,
अपना मन खुद कर लेना।
जो कह रहा हूं,
चाहे बातें मेरी ना फैलाना तुम।

झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।
झुक जाना, देना श्रद्धांजलि,
फिर चाहे वैलेंटाइन मनाना तुम।

Pulwama Attack Par Sundar Kavita

Pulwama mein hue shaheed un veeron ko na bhoolna tum,
Jhuk jana zara, dena shradhanjali,
Phir chahe Valentine’s manana tum.

Vo din kaala, kaala divas tha,
Foot-foot kar roi Maa Bharati thi.
Hua jab gaman veeron ka,
Hui swarg lok mein aarti thi.

Karna abhiman tirange par,
Phir jakar mehboob manana tum.
Jhuk jana, dena shradhanjali,
Phir chahe Valentine’s manana tum.

Woh parivaar sare tum yaad karna,
Kaamp uthi ruh jinki thi.
Woh maa, behne, woh patni jinki,
Ujad chuki jinki zindagi thi.
Aansu chhalke the aankhon se jinki,
Us pita ka dukh na bhool jana tum.

Jhuk jana, dena shradhanjali,
Phir chahe Valentine’s manana tum.

Viraan jab hue aangan the,
Sune mann ke aanchal the.
Bujh gaye diye un gharon ke,
Jo veeron ke naam roshan the.

Mohabbat ke liye kharidna guldaste,
Par shahidon ke naam diya jalana tum.
Jhuk jana, dena shradhanjali,
Phir chahe Valentine’s manana tum.

Veer bhoomi ko karna naman,
Maa Bharati ke chhoona charan.
Do minute hi ho sake to maun rakhna,
Apna mann khud mehsoos karna.
Jo keh raha hoon,
Chahe baatein meri na failana tum.

Jhuk jana, dena shradhanjali,
Phir chahe Valentine’s manana tum.
Jhuk jana, dena shradhanjali,
Phir chahe Valentine’s manana tum.

*****आशा करता हूं आपको मेरी यहां कविता पसंद आई होगी मैं और भी ऐसी काफी कविताएं लिखी है जिसे आप मेरी वेबसाइट पर पढ़ सकते हो और मेरे यूट्यूब http://youtube.com/@KKSB पर इन्हें ऑडियो फॉर्मेट पर सुन सकते हो। कमेंट करके जरूर बताइएगा की आपको मेरी यह कविता कैसी लगी।*****

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