Homeधार्मिक कवितायेहनुमान जी पर सुंदर कविता : "मैं हनुमान हूँ" कविता और कथा

हनुमान जी पर सुंदर कविता : “मैं हनुमान हूँ” कविता और कथा

नमस्कार मैं की KKSB लेकर आ गया हूं श्री राम जी के प्रिय भक्त बजरंगबली पर एक कविता। “मैं हनुमान हूं” एक प्रेरणादायक हनुमान जी पर सुंदर कविता है, जो जय बजरंग बली की शक्ति, भक्ति और समर्पण को दर्शाती है। इस बजरंग बली पर हिंदी कविता में राम भक्त हनुमान के पराक्रम, उनकी संकटमोचन हनुमान वाली छवि और हनुमान जी की कथा हिंदी में को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा की महिमा का उल्लेख करते हुए, यह कविता आपको उनकी शक्ति, भक्ति और समर्पण का अनुभव कराएगी।

हनुमान जी की प्रेरणादायक कविता उनके लंका विजय, चमत्कारी बल और दया की झलक दिखाती है। यदि आप हनुमान जी की महिमा पर कविता पढ़ना चाहते हैं, तो यह रचना आपको निश्चित रूप से पसंद आएगी। हनुमान जी के चमत्कारों की कविता में उनके अद्भुत पराक्रम, रामायण में हनुमान की भूमिका और उनकी भक्ति की शक्ति को दर्शाया गया है।

अगर आप हनुमान भजन, हनुमान जी के मंत्र, या हनुमान चालीसा के फायदे के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह हनुमान जी की भक्ति पर आधारित कविता आपको आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगी। जय बजरंग बली कविता के माध्यम से, आप उनके असीम शक्ति और करुणा का अनुभव कर सकते हैं।

“मैं हनुमान हूं” कविता के माध्यम से हनुमान जी की कथा और प्रेरणा को आत्मसात करें और उनकी भक्ति और समर्पण से जुड़े दिव्य एहसास को महसूस करें। जय बजरंग बली
मैं आए दिन कुछ ना कुछ कविताएं शायरियां कोट लिखता रहता हूं उन्हें मेरी वेबसाइट http://wordsbykksb.com पर पढ़ सकते हो। मैं और भी ऐसी धार्मिक कविताएं लिखी है आप उन्हें मेरी वेबसाइट पर देख सकते हैं और मेरे यूट्यूब चैनल पर भी उन्हें सुन सकते हैं।

 

हनुमान जी पर सुंदर कविता : “मैं हनुमान हूँ”

मैं हनुमान हूँ”

मेरी पहचान बताने को,
यूं तो शब्दों में ताकत ना,
जो करें बखान मेरी,
शक्ति का, हुई आज तक ऐसी लिखावट ना।

पर ध्यान से सुनना जो मैं कहता,
एक रूप तुम्हें दिखलाता हूँ,
मैं स्वयं हनुमान हूँ,
खुद से परिचय करवाता हूँ।

मुझमें शक्तियाँ लाखों हैं,
मैं अडिगक अमर हूँ,
धरती पर कितने पापों का संहार किया,
कितनों को लिटाया अर्थी पर।

यह गिनती आज भी चलती है,
चलती है, पर ना रुकती है,
मेरी हुंकार के आगे देखो,
सृष्टि भी थर-थर काँपती है।

उनकी बात, जिनकी बात में
कुछ निराली है ,
मैं पवनदेव का पुत्र हूँ,
जिन्होंने सृष्टि संचाली है।

मैं वेग हूँ, मैं वेद हूँ,
मैं अग्नि से भी तेज हूँ,
सभी सीमा को लांघ दूँ,
मैं अभेद्य को भी भेद दूँ।

मैं वानरों में प्रमुख हूँ,
मैं रहता सबके सम्मुख हूँ,
जो उचारता मुझे, पुकारता,
मैं हारता उनके सारे दुख हूँ।

जब विनम्र हूँ, तो निर्मल हूँ,
लगे ऐसे जैसे कि मैं निर्बल हूँ,
जब क्रोध में आऊँ, तो तांडव करूँ,
यूं तो प्रिय मुझे भजन करूँ।

मैं संहार करूँ जब हुंकार भरूँ,
लगे शिव का बजता डमरू,
अब खुद का कितना परिचय दूँ,
बेहतर यही है कि बस मौन रहूँ।

बेहतर यही कि बस मौन रहूँ…

मैं प्राणों में प्राण हूँ,
मैं वेदों का ज्ञान हूँ,
मैं पाप के लिए श्मशान हूँ,
मैं हनुमान हूँ!
मैं हनुमान हूँ! 🚩🔥

 

Hanumaan Ji Par Sundar Kavita “Mai Hanuman Hun” 

“Main Hanuman Hoon” 🚩🔥

Meri pehchaan batane ko,
Yun toh shabdon mein taqat na,
Jo karein bakhaan meri,
Shakti ka, hui aaj tak aisi likhawat na.

Par dhyaan se sunna jo main kehta,
Ek roop tumhein dikhlata hoon,
Main swayam Hanuman hoon,
Khud se parichay karvata hoon.

Mujhmein shaktiyan lakhon hain,
Main adigak amar hoon,
Dharti par kitne paapon ka sanhaar kiya,
Kitnon ko litaya arthi par.

Yeh ginti aaj bhi chalti hai,
Chalti hai, par na rukti hai,
Meri hunkar ke aage dekho,
Srishti bhi thar-thar kaampti hai.

Unki baat, jinki baat mein,
Kuchh nirali hai,
Main Pawan Dev ka putra hoon,
Jinhone srishti sanchali hai.

Main veg hoon, main ved hoon,
Main agni se bhi tej hoon,
Sabhi seema ko laangh doon,
Main abhedya ko bhi bhed doon.

Main vaanaron mein pramukh hoon,
Main rehta sabke sammukh hoon,
Jo uchaarta mujhe, pukarta,
Main haarta unke saare dukh hoon.

Jab vinamra hoon, toh nirmal hoon,
Lage aise jaise ki main nirbal hoon,
Jab krodh mein aaun, toh taandav karoon,
Yun toh priya mujhe bhajan karoon.

Main sanhaar karoon jab hunkar bharoon,
Lage Shiv ka bajta damru,
Ab khud ka kitna parichay doon,
Behtar yahi hai ki bas maun rahoon.

Behtar yahi ki bas maun rahoon…

Main pranon mein praan hoon,
Main vedon ka gyaan hoon,
Main paap ke liye shmashan hoon,
Main Hanuman hoon!
Main Hanuman hoon! 🚩🔥

****आशा करता हूं आपको मेरी यहां कविता पसंद आई होगी मैं और भी ऐसी काफी कविताएं लिखी है जिसे आप मेरी वेबसाइट पर पढ़ सकते हो और मेरे यूट्यूबhttps://www.youtube.com/@KKSB पर इन्हें ऑडियो फॉर्मेट पर सुन सकते हो। कमेंट करके जरूर बताइएगा की आपको मेरी यह कविता कैसी लगी।****

नीचे दिए हुए गए लिंक से आप इससे संबंधित पोस्ट पढ़ सकते हो।

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KKSB
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KKSB is a Writer/Storyteller/Vocalist Writing since 2018 on social media platforms. Having millions of people loving his content over streaming apps and other social media platforms. Many of his poetries goes viral over internet many times. His writeups contains - Hindi shayari, Hindi Poetry, Story Writing, Script writing, Quotes, Nazm, Song lyrics and creative writing.
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